भक्त की रक्षा के लिए क्यों दौड़कर आते है भगवान

भक्त की रक्षा के लिए क्यों दौड़कर आते है भगवान

एक बार अकबर ने बीरबल से पूछाः "तुम्हारे भगवान और हमारे खुदा में बहुत फर्क है। हमारा खुदा तो अपना पैगम्बर भेजता है जबकि तुम्हारा भगवान बार-बार आता है। यह ईश्वर का बार बार अवतार लेना, ये क्या बात हुई ?" बीरबल जोकि एक ज्ञानी हिन्दू था: "जहाँपनाह ! इस बात का कभी व्यवहारिक...

जानिएः शारदीय नवरात्रि पर विशेष योग, घट स्थापना शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि

जानिएः शारदीय नवरात्रि पर विशेष योग, घट स्थापना शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि

शरद नवरात्रि पर्व विशेष ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते॥ 26 सितम्बर 2022 से शरद नवरात्रि प्रारंभ हो रही हैं। हिन्दू वैदिक पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र का प्रारंभ होता...

रामायण के कुछ संस्करण बताते हैं कि सीता वास्तव में देवी श्री महालक्ष्मी के अवतार वेदवती का अवतार थीं। कहानी इस प्रकार है:

रामायण के कुछ संस्करण बताते हैं कि सीता वास्तव में देवी श्री महालक्ष्मी के अवतार वेदवती का अवतार थीं। कहानी इस प्रकार है:

ऋषि कुशध्वज एक पवित्र, विद्वान व्यक्ति थे, जो जंगल में आश्रम में रहते हैं। उनकी बेटी वेदवती जो अपने पिता के साथ रहती है, एक खूबसूरत युवती और भगवान विष्णु की भक्त के रूप में विकसित होती है। जीवन से पहले वह अपने भगवान के अलावा किसी और से शादी नहीं करने का संकल्प लेती...

गणेश जी का विवाह किस से और कैसे हुआ और उनके विवाह में क्या आई रुकावटें

गणेश जी का विवाह किस से और कैसे हुआ और उनके विवाह में क्या आई रुकावटें

भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र गणेश जी की पूजा सभी भगवानों से पहले की जाती है| प्रत्येक शुभ कार्य करने से पहले इन्हे ही पूजा जाता है| गणेश जी को गणपति के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह गणों के देवता है और इनका वाहन एक मूषक होता है| ज्योतिषी विद्या में गणेश जी...

ताड़का कौन थी, रामायण का ऐतिहासिक पात्रः जानिए

ताड़का कौन थी, रामायण का ऐतिहासिक पात्रः जानिए

ताड़का वाल्मीकि रामायण के कई ऐतिहासिक पात्रों में से एक हैं। ताड़का सुकेतु यक्ष की पुत्री थी, जो एक श्राप के प्रभाव से राक्षसी बन गई थी। उसका विवाह सुंद नाम के दैत्य से हुआ था। ताड़का के दो पुत्र थे, उनके नाम थे सुबाहु और मारीच। ताड़का का परिवार अयोध्या के नजदीक एक जंगल...

राम नाम की महिमा………राम न सकहिं राम गुण गाई

राम नाम की महिमा………राम न सकहिं राम गुण गाई

एक बार एक व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पास के ही एक संत के पास जाता है, और संत से कहते है, संत जी मेरा एक पुत्र है, वह न तो कभी पूजा करता है, और न ही कभी भगवान का नाम लेता है, मैंने बहुत प्रयत्न किया पर वह मेरी बात नहीं मानता है। कृपया कर अब आप ही कुछ कीजिये जिससे उसके मन...

कोई भी निर्णय सोच– समझ कर लेना चाहिए-एक तोते की दर्द भरी कहानी

कोई भी निर्णय सोच– समझ कर लेना चाहिए-एक तोते की दर्द भरी कहानी

बहुत समय पहले की बात है एक राजा था और उसके तीन बेटे थे । राजा बहुत ही बूढ़ा हो गया था और वह यही चाह रहा था की कोई उसके गददी को सभाल ले । एक दिन राजा ने अपने तीनो बेटो को बुलाकर बोला आज मैं तुम लोगो को एक काम के लिए बुलाया हु , सब लोगो को अपना काम बहुत ही ईमानदारी से...

संतो के अखाड़े ही है, भारतीय संस्कृति के रक्षक

संतो के अखाड़े ही है, भारतीय संस्कृति के रक्षक

आदि जगद्गुरु शंकराचार्य से पूर्व संतों-संन्यासियों के पद नाम नहीं थे, लेकिन विगत शताब्दियों में दशनाम संन्यासियों के पद नाम उनके नामों से जुड़ने पर विभिन्न अखाड़ों का गठन हुआ। अब संन्यासियों के ही सात अखाड़ों का वैष्णव संतों के अखाड़ों की हरिद्वार आदि तीर्थों में अहम...

रामायण के मुख्य पात्र हनुमान की कहानी | भक्ति और शक्ति का प्रतीक हनुमान की जीवनी

रामायण के मुख्य पात्र हनुमान की कहानी | भक्ति और शक्ति का प्रतीक हनुमान की जीवनी

हनुमान हिंदू पौराणिक कथाओं के सबसे लोकप्रिय और प्रसन्न देवताओं में से एक हैं। हनुमान आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक सभी गुणों के प्रतीक हैं- शारीरिक और मानसिक शक्ति, साहस, विनम्रता, श्रद्धा, भक्ति और अपने भगवान राम के प्रति समर्पण। महान हिंदू महाकाव्य रामायण में सबसे...

रामायण की मुख्य चरित्र माता सीता के जीवन की कहानी | साहस और धैर्य की प्रतीक माँ सीता

रामायण की मुख्य चरित्र माता सीता के जीवन की कहानी | साहस और धैर्य की प्रतीक माँ सीता

देवी सीता हिंदू पौराणिक कथाओं में श्री महा विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम की पत्नी हैं। सीता देवी एक प्रमुख हिंदू महाकाव्य रामायण में मुख्य पात्र है। बिहार (भारत) में सीतामढ़ी (पुनौरा) में जन्मी सीता को उनके पिता महाराजा जनक द्वारा उनके जन्म के तुरंत बाद जनकपुर...