गणेश जी का विवाह किस से और कैसे हुआ और उनके विवाह में क्या आई रुकावटें

गणेश जी का विवाह किस से और कैसे हुआ और उनके विवाह में क्या आई रुकावटें

भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र गणेश जी की पूजा सभी भगवानों से पहले की जाती है| प्रत्येक शुभ कार्य करने से पहले इन्हे ही पूजा जाता है| गणेश जी को गणपति के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह गणों के देवता है और इनका वाहन एक मूषक होता है| ज्योतिषी विद्या में गणेश जी...

राम नाम की महिमा………राम न सकहिं राम गुण गाई

राम नाम की महिमा………राम न सकहिं राम गुण गाई

एक बार एक व्यक्ति अपनी समस्या लेकर पास के ही एक संत के पास जाता है, और संत से कहते है, संत जी मेरा एक पुत्र है, वह न तो कभी पूजा करता है, और न ही कभी भगवान का नाम लेता है, मैंने बहुत प्रयत्न किया पर वह मेरी बात नहीं मानता है। कृपया कर अब आप ही कुछ कीजिये जिससे उसके मन...

कोई भी निर्णय सोच– समझ कर लेना चाहिए-एक तोते की दर्द भरी कहानी

कोई भी निर्णय सोच– समझ कर लेना चाहिए-एक तोते की दर्द भरी कहानी

बहुत समय पहले की बात है एक राजा था और उसके तीन बेटे थे । राजा बहुत ही बूढ़ा हो गया था और वह यही चाह रहा था की कोई उसके गददी को सभाल ले । एक दिन राजा ने अपने तीनो बेटो को बुलाकर बोला आज मैं तुम लोगो को एक काम के लिए बुलाया हु , सब लोगो को अपना काम बहुत ही ईमानदारी से...

भगवान भैरव के 8 रूपों की कथा

भगवान भैरव के 8 रूपों की कथा

भगवान शिव का ही एक रूप भगवान भैरव को मान जाता है । भगवान भैरव की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान भैरव को कई रूपों में पूजा जाता है। भगवान भैरव के मुख्य 8 रूप माने जाते हैं। उन रूपों की पूजा करने से भगवान अपने सभी भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें...

नवरात्रि, दुर्गा पूजा और नवदुर्गा के नौ स्वरूप और उनकी कथा

नवरात्रि, दुर्गा पूजा और नवदुर्गा के नौ स्वरूप और उनकी कथा

नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा माता के विभिन्न नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। जिन नौ रूपों की पूजा की जाती है उसे नवदुर्गा कहा जाता है। नवदुर्गा के नौ रूप जिसे चैत्र माह और अश्विन माह के प्रतिपदा से नवमी तक पूजा जाता है वो क्रमशः निम्नलिखित हैं। शैलपुत्री...

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए यह रूप धारण किया

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए यह रूप धारण किया

यह कथा उस समय कि है जब भगवान शिव को वर के रूप में प्राप्ति के लिए देवी पार्वती जंगल में घोर तपस्या में लीन थी। उनकी ऐसी तपस्या देख कर समस्त देवगण शिव जी से प्रार्थना कर रहे थे कि हे देवाधिदेव पार्वती की मनोकामना पूरा करें। भगवन शिव ने सप्तर्षियों को देवी पार्वती की...