संतो के अखाड़े ही है, भारतीय संस्कृति के रक्षक

संतो के अखाड़े ही है, भारतीय संस्कृति के रक्षक

आदि जगद्गुरु शंकराचार्य से पूर्व संतों-संन्यासियों के पद नाम नहीं थे, लेकिन विगत शताब्दियों में दशनाम संन्यासियों के पद नाम उनके नामों से जुड़ने पर विभिन्न अखाड़ों का गठन हुआ। अब संन्यासियों के ही सात अखाड़ों का वैष्णव संतों के अखाड़ों की हरिद्वार आदि तीर्थों में अहम...

कुम्भ का इतिहास, पौराणिकता क्या है? और कुम्भ तथा सिंहस्थ में क्या अंतर है?

कुम्भ का इतिहास, पौराणिकता क्या है? और कुम्भ तथा सिंहस्थ में क्या अंतर है?

मेरी रामकहानी से जैसे गंगामैया अलग नहीं हो सकती वैसे ही अलग नहीं किए जा सकते कुम्भ (Kumbh) और अर्द्धकुम्भ पर्व। गंगास्नानों के विभिन्न पर्व जैसे बैसाखी, संक्रातियों के पर्व, चन्द्र सूर्यग्रहणों के पर्व, पूर्णिमा अमावस्या एकादशी के स्नान पर्व और कांवड़ जैसे लक्खी मेले...